Hindi News Home Remedies आपकी सेहत की हर जरूरत और सुविधा को पूरा करेगा सरसों तेल, पढ़ें फायदें-नुकसान
  • आपकी सेहत की हर जरूरत और सुविधा को पूरा करेगा सरसों तेल, पढ़ें फायदें-नुकसान

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    • 02 Jul,2022 11:46 AM
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  • भारत की हर रसोई में आपको सरसों का तेल आम देखने को मिलेगा। आजकल बाजार में हर तरह के कुकिंग ऑयल उपलब्ध है लेकिन सरसों के तेल की बात ही निराली है, ये न सिर्फ स्वास्थ्य बल्कि त्वचा के लिए भी काफी लाभदायक है। इतना ही नहीं सरसों का तेल औषधीय गुणों से भरपूर हैं और आपकी सेहत की हर ज़रूरत और सुविधा को पूरा करने में नंबर 1 है।

    सरसों के तेल के फायदे
    सरसों के तेल में विटामिन E भरपूर होता है, जो हमारी Skin के लिए एक आवश्यक पोषक तत्व है। इसलिए, जब इसे skin पर लगाया जाता है, तो आपके फेस पर होने वाली झुर्रियां आदि को कम करने में मदद करता है। सरसों का तेल कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और लाल रक्त कोशिकाओं (आरबीसी) की झिल्ली संरचना में सुधार करता है। सर्दी, खांसी और अन्य श्वसन रोगों और एलर्जी से निजात पाने के लिए सरसों का तेल काफी फायदेमंद है।  सरसों का तेल इम्युनिटी बढ़ाने में काफी मददगार है। क्योंकि इसमें काफी मात्रा में लिनोलिक (18:2) और लिनोलेनिक एसिड (18:3) होता हैं, जो हमारी बॉडी की इम्यूनिटी बढ़ाता है। सरसों का तेल औषधीय गुणों से भरपूर हैं क्योंकि यह रूमेटोइड अर्थराइटिस जैसी स्थितियों के कारण दर्द से छुटकारा पाने में मदद कर सकता है। वहीं आपको बता दें कि एक अध्ययन में अमेरिका के कृषि विभाग का दावा है कि सरसों का तेल हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। 

    सरसों के तेल के नुकसान
    आपको बता दें कि कई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि सरसों के तेल में यूरिक एसिड की उच्च मात्रा (42% से 47%) पाई जाती है, जिस कारण अगर  इसका ज्यादा सेवन किया जाए तो, दिल व सांस से जुड़ी बीमारियां आदि के कारण मौत भी हो सकती है।अगर आप गर्भवती हैं तो सरसों के तेल को खाने में ज़्यादा इस्तेमाल ना करें, क्योंकि इस तेल में कुछ ऐसे रासायनिक यौगिक होते हैं, जो पूरी तरह से आपके बच्चे के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। कुछ लोगों को सरसों के तेल से एलर्जी भी हो सकती है। इसमें खुजली या सूजन की समस्या रहती है। इस तेल की मालिश से कई लोगों की Skin काली पड़ने के साथ  चकत्ते भी पड़ सकते हैं। 


    सरसों का तेल का मतलब क्या होता है?
    सरसों क्रूसीफेरी (ब्रैसीकेसी) कुल का द्विबीजपत्री, एकवर्षीय शाक जातीय पौधा है। इसके बीज से  तेल निकाला जाता है जिसका उपयोग विभिन्न प्रकार के भोज्य पदार्थ बनाने और शरीर में लगाने में किया जाता है। भारत में, सरसों के तेल को खाना पकाने से पहले जलने तक गरम किया जाता है। सरसों के तेल शब्द का इस्तेमाल 3 अलग प्रकार के तेलों के लिए किया जाता है। 

    कड़वा तेल कौन सा है?
    सरसों के तेल को उसके स्वाद के कारण कड़वा तेल कहते हैं क्योंकि सरसों के तेल में झल होती है। रसोई में इस्तेमाल करने के लिए पहले इले अच्छा गर्म करके ही च्राई करना चाहिए, जिससे किसी भी खाना बनाना वाली चीज से सरसों के तेल की महक नहीं आएगी।


    सरसों का तेल गर्म होता है या ठंडा
    सरसों के तेल की तासीर गर्म होती । यह एक ऐसा तेल हैं, जो न केवल  खाने को स्वादिष्ट होता है बल्कि इसके अनगिनत फायदे भी हैं। जीं हां, आप मालिश के लिए सरसों के तेल को इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे जोड़ों का दर्द, गठिया और मांसपेशियों दर्द कम करने के लिए सहायक होता है। 


    सरसों का तेल नाभि में लगाने से क्या होता है?
    सरसों का तेल नाभि में लगाने से आपके शरीर में होने वाली दर्दों से राहत मिलती है। नाभि में तेल लगाने से शरीर के किसी भी भाग में सूजन  नहीं होती।नाभि पर सरसो तेल लगाने से हमारे चेहरे की ग्लो बढ़ जाता है, इसलिए आप रोजाना नाभि पर सरसो तेल लगाए, जिससे आका  शरीर हृष्ठ-पुष्ठ होताहै। 

    सरसों का तेल खाने से क्या नुकसान है?
     सरसों के तेल के दुष्प्रभावों के बारे में बहुत कम लोग नजानते हैं। सरसों के तेल में बड़ी मात्रा में एरिक एसिड होता है, जो हमारे शरीर के लिए विषाक्त हो सकता है और गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है।

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